सामान खराब निकला और दुकानदार टाल रहा है? शिकायत ऑनलाइन दर्ज होती है
पहले राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत, और बात न बने तो e-Daakhil पर उपभोक्ता आयोग में — वकील और अदालत के चक्कर के बिना।
रास्ता दो चरणों का है
पहला चरण — हेल्पलाइन। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर या consumerhelpline.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। ज़्यादातर मामले कंपनी तक बात पहुँचते ही निपट जाते हैं।
दूसरा चरण — उपभोक्ता आयोग। बात न बने तो e-Daakhil पोर्टल पर ऑनलाइन केस दाखिल कीजिए। एक तय सीमा तक के दावों पर फ़ीस बहुत कम है और सुनवाई ज़िला आयोग में होती है।
सीधा मतलब
उपभोक्ता कानून आपके पीछे खड़ा है, लेकिन वह कागज़ माँगता है — रसीद, वारंटी कार्ड, चैट, ईमेल।
अभी क्या करें
- बिल, वारंटी और कंपनी से हुई बातचीत सँभालिए — स्क्रीनशॉट भी सबूत हैं।
- कंपनी को लिखित शिकायत भेजिए और उसका जवाब/शिकायत नंबर रखिए।
- 1915 पर शिकायत दर्ज कीजिए; ट्रैकिंग नंबर मिलेगा।
- हल न मिले तो e-Daakhil पर दो साल के अंदर दावा दाखिल कीजिए।